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महागठबंधन की नई सरकार में भूमिहारों को भी मिलेगा मौका, आशुतोष कुमार के नेतृत्व में आयोजित परशुराम जयंती का है असर, जानें

Bhumihar Minister 2022: प्रसिद्ध भूमिहार नेता व राष्ट्रीय जन जन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार (Ashutosh Kumar) के नेतृत्व में 3 मई को पटना के बापू सभागार में आयोजित भव्य परशुराम जयंती में मुख्य अतिथि के रूप में तेजस्वी यादव सिरकत किये। उस दौरान तेजस्वी यादव गर्मजोशी के साथ भूमिहार के पक्ष में अपना जोरदार भाषण दिया।

परशुराम जयंती के दिन तेजस्वी ने भूमिहार को सबसे बुद्धिजीवी, पढ़ा लिखा, समझदार जाती बताते हुए भविष्य में उनका समर्थन माँगा। तेजस्वी ने भूमिहारों से वादा किया था की हम आपका पुरा ख्याल रखेंगे और आपको उचित भागीदारी भी दी जायेगी। इसके बाद बोचहाँ उपचुनाव में जिस प्रकार आरजेजेपी सुप्रिमों आशुतोष कुमार ने वहाँ के भूमिहारों से अपील किया था की वे राजद समर्थित प्रत्याशी अमर पासवान को अपना बहुमुल्य वोट दें।

भूमिहार मंत्री महागठबंधन सरकार आशुतोष कुमार

भूमिहारों ने आशुतोष कुमार के आवाहन पर अमर पासवान को जिताया भी। उसी बीच राजद का MY समीकरण के बदले BY या भूमाय समीकरण की चर्चा जोड़ो पर थी। विधानपरिषद चुनाव में राजद समर्थित सीट पर भूमिहार प्रत्याशियों का प्रचंड विजय होना। इन सभी घटनाक्रमों के बाद कहीं नहीं तो कहीं भूमिहारों का राजद से नजदीकी बढ़ी है।

वहीं आशुतोष कुमार बार बार कहते आयें हैं की हम किसी का बंधुवा मजदूर नहीं हैं। जो हमारी बात करेगा, हमें उचित अधिकार और भागीदारी देगा हम उसको मजबूत करेंगे। चलिए अब वर्तमान परिस्थिति पर नजर डालते हैं। बिहार में NDA की टूट के बाद अब महागठबंधन की सरकार बन गयी है।

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई महागठबंधन सरकार में राजद कोटे से भूमिहारों को भी मौका मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी से नाराज चल रहे भूमिहार समाज के लोगों को अपने साथ मिलने के लिए तेजस्वी यादव ने इसपर अपनी सहमति दे दी हैं। मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह की सदस्यता जाने के बाद पार्टी में विधान सभा में कोई भी भूमिहार समाज का विधायक नहीं है। इसको देखते हुए पार्टी हाल में चुने गए तीन विधान पार्षदों में से किसी एक को मौका दे सकती है।

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पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने राजनीतिक सिद्धांतों से इतर तेजस्वी यादव नए सिद्धांत गढ़ते हुए बिहार में जातीय राजनीति को भी साधने की कोशिश की है। एक तरफ जहां आरोप है की उनके पिता लालू प्रसाद यादव ‘भूराबाल’ साफ करो की बात करते थे वहीं तेजस्वी यादव लगातार अपनी पार्टी को केवल मुस्लिमों और यादवों की पार्टी वाली छवि से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

यही कारण है कि उन्होंने बिहार की प्रमुख सवर्ण जातियों को अपने साथ मिलाने की जुगाड़ में लगे हुए हैं। इसकी चर्चा हमने इसी पोस्ट में सबसे पहले की है। A to Z का नारा देते हुए उन्होंने अपनी पार्टी को मुस्लिमों और यादवों की पार्टी वाली छवि से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

संभावीत भूमिहार मंत्री चेहरा…

भूमिहार एमएलसी (Bhumihar MLC)

वर्तमान समय में भूमिहार कोटा से पार्टी के पास तीन पार्षद हैं। कार्तिक सिंह, इंजीनियर सौरभ और अजय कुमार सिंह। सूत्रों का कहना है कि जदयू सांसद ललन सिंह चाहते हैं कि सौरभ आरजेडी कोटे से मंत्री बने। शायद इसलिए भी क्योंकि कार्तिक सिंह अनंत सिंह के करीबी मानें जाते हैं। इसलिए इंजीनियर सौरभ की संभावना ज्यादा दिख रही थी। लेकिन तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह के करीबी कार्तिक कुमार सिंह को हीं आखिरकार मंत्री बनाया। नीतीश कुमार की अगुवाई में बनी महागठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मंथन जारी है।

बेगूसराय mlc राजीव सिंह (begusarai mlc rajeev singh)

रविवार को इसको लेकर पटना में एक अणे मार्ग में सीएम नीतीश कुमार के आवास पर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद थे। मीटिंग के बाद विजय चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि 16 अगस्त को मंत्रिमंडल विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) हो सकता है। यह पूछने पर कि कौन-कौन लोग मंत्री बनाए जाएंगे, उन्होंने कहा कि इस पर सोमवार को अंतिम मुहर लग जाएगी।

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