टेक्नोलॉजीटॉप 5देशनौकरीविदेशव्यापार
Trending

Indian CEO: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों पर एक छत्र राज कर रहे हैं ये भारतीय मूल के CEO

भारत भाग्य विधाता.... आपने कई बार इसे सुना होगा। आज हम आपको बोलता है बिहार में इस वाक्य के असल मायने इस लेख के माध्यम से समझाने का प्रयास करेंगे। आपको पता हो हाल ही में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 5वें स्थान पर अपनी जगह बनाई है।

Indian CEO: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों , (Microsoft, Twitter, Adobe) पर एक छत्र राज कर रहे हैं ये भारतीय मूल के CEO. हर एक भारतवासी के लिए यह बड़े ही गर्व की बात है। इसके अलावा एक और भी बात है जो हमें गौरवान्वित कराती है, वो है – कॉफी चेन चलाने वाली दिग्गज कंपनी Starbucks का भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन (Laxman Narasimhan) को नया सीईओ नियुक्त करना।

मैं बताऊँ भारत को विश्व गुरू का खिताब यूं ही नहीं हासिल हुआ है। भारतीय मूल के लोग दुनियाभर में अपनी क़ाबिलियत का परचम लहरा रहे हैं। Google, Microsoft, Twitter, Adobe… आप चाहे किसी भी बड़ी कंपनी का नाम लो; CEO कोई भारतीय ही मिलेगा। आज हम नीचे ऐसी ही उन बड़ी कंपनियों के बारे में बतायेंगे जिनके CEO भारतीय मूल के हैं। बड़ी बात ये है कि भारतीय मूल की महिलाएं भी इस लिस्ट में काबिज है।

Google, Alphabet Inc – सुंदर पिचाई

सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ था और उनके पिता पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो ब्रिटेन की एक कंपनी GEC में काम करते थे. जबकि सुंदर की माँ स्टेनोग्राफर थीं.

स्कूली शिक्षा ख़त्म करने के बाद सुंदर पिचाई को आईआईटी खड़गपुर में दाखिला मिला, जहाँ उन्होंने मेटालर्जी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. अमेरिका के स्टैनफ़र्ड विश्विद्यालय से इंजीनियरिंग में एमएस करने के बाद पिचाई ने अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित बिज़नेस स्कूलों में से एक व्हार्टन से एमबीए भी किया.

2004 में सुंदर पिचाई गूगल से जुड़े. 2015 में, गूगल अल्फ़ाबेट कंपनी का हिस्सा बना और पिचाई उसके सीईओ बने. पिचाई ने Google क्रोम और क्रोम ओएस डेवलप करने के लिए प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया. वह मुख्य रूप से Google ड्राइव और एंड्रॉय्ड के डेवलपमेंट के लिए भी जिम्मेदार थे.

एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि वो अमेरिकी हैं या भारतीय, तब इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका का नागरिक हूँ, लेकिन भारत मेरे अंदर बसा है और जो मैं हूँ, उसका एक अहम हिस्सा है.”

Twitter – पराग अग्रवाल

29 नवंबर को को-फाउंडर जैक डोर्सी के पद से हटने के बाद भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को ट्विटर के सीईओ के रूप में पदोन्नत किया गया था.

अग्रवाल, जो 2011 में कंपनी में शामिल हुए, ने अक्टूबर 2017 से बतौर चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) काम किया. इस भूमिका में, वे कंपनी की तकनीकी रणनीति और मशीन लर्निंग की स्थिति को आगे बढ़ाते हुए बड़े सुधार प्रयासों के लिए जिम्मेदार रहे हैं.

पराग आईआईटी-बॉम्बे (IIT-Bombay) से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं. उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में Ph.D. की है. 2011 में ट्विटर से जुड़ने से पहले, अग्रवाल Microsoft Research, Yahoo! Research, और AT&T Labs में काम कर चुके हैं.

ये भी पढ़ें:

Cryptocurrency: क्रिप्टो से निपटने में भारत गर्म और ठंडा क्यों चल रहा है, जानें हमारा पुरा विश्लेषण

कॉलगर्ल सप्लायर के पास मधेपुरा एसपी का मोबाइल मिलने से मचा हरकंप, वायरल वीडियो दे रहा डीएसपी के घिनौने हरकत का सबूत

Microsoft – सत्य नडेला

सत्य नडेला का पूरा नाम सत्य नारायण नडेला है. उनका जन्म 19 अगस्त 1967 को आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के अनंतपुर जिले के एक तेलगु परिवार में हुआ था. सत्य नडेला के पिता भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक सिविल सेवक के रूप में कार्य करते थे.

सत्य नडेला साल 1992 में बतौर इंजीनियर, माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हुए. 4 फ़रवरी 2014 को वे माइक्रोसॉफ्ट के CEO चुने गए.

सत्य ने अपनी स्कूली शिक्षा बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल से पूरी की है. उन्होंने वर्ष 1988 में कर्नाटक के मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग में बीटेक किया है. विस्कॉन्सिन-मिल्वौकी विश्वविद्यालय से M.S डिग्री लेने के लिए नडेला अमेरिका गए और कंप्यूटर साइंस में 1990 में अपनी डिग्री हासिल की.

उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, एक्सबॉक्स लाइव और एज़्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म के शुरुआती संस्करणों का नेतृत्व किया.

Starbucks – लक्ष्मण नरसिम्हन

कॉफी चेन चलाने वाली दिग्गज कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) ने भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन (Laxman Narasimhan) को नया सीईओ नियुक्त किया है. वे अक्टूबर महीने से कंपनी की बागडोर संभालेंगे. 55 साल के लक्ष्मण नरसिम्हन इससे पहले इन्फामिल बेबी, यूके में Reckitt Benckiser Group PLC में ऊंचे पदों पर काम कर चुके हैं.

लक्ष्मण नरसिम्हन का जन्म पुणे में 15 अप्रैल 1967 को हुआ था और वहीं उनकी परवरिश भी हुई है. उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है. इसके बाद उन्होंने पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में द लॉडर इंस्टीट्यूट से जर्मन और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में एमए किया है. इतना ही नहीं पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल से बिजनेस में एमबीए भी किया है.

Indian CEO: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों पर एक छत्र राज कर रहे हैं ये भारतीय मूल के CEO

Adobe Inc – शांतनु नारायण

शांतनु नारायण का जन्म हैदराबाद में हुआ था. उनकी मां अमेरिकी साहित्य पढ़ातीं थीं. पिता की प्लास्टिक के सामान की कंपनी थी. शांतनु ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंजीनियरिंग में बैचलर करने के बाद बर्कले यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया से एमबीए और बॉउलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर्स किया है.

शांतनु ने अपने करियर की शुरुआत Apple से की. इसके बाद वह सिलिकॉन ग्राफिक्स में भी रहे. इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन फोटो शेयरिंग कंपनी पिक्ट्रा की स्थापना की थी. शांतनु ने 1998 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (वर्ल्डवाइड प्रोडक्ट रिसर्च) के रूप में Adobe ज्वॉइन की थी. 2005 में वह इसके सीईओ बने. वह अडोबी फाउंडेशन बोर्ड के प्रेसीडेंट भी हैं. 2011 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें अपने मैनेजमेंट एडवाइजरी बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया था.

BATA – संदीप कटारिया

BATA के 126 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई भारतीय इस कंपनी के सीईओ पद पर आसीन हुआ है. साल 2020 में, संदीप कटारिया को फुटवियर निर्माता कंपनी बाटा ने अपना ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया था. इसके साथ ही संदीप कटारिया ऐसे पहले भारतीय बने हैं, जिनको फुटवियर निर्माता और खुदरा विक्रेता कंपनी बाटा ने अपना ग्लोबल सीईओ बनाया है. कटारिया ने एलेक्सिस नैसार्ड के बाद पदभार संभाला, जिन्होंने कंपनी के सीईओ के रूप में लगभग पांच वर्षों तक काम किया.

कटारिया साल 2017 में बाटा इंडिया के सीईओ के रूप में कंपनी से जुड़े थे. इससे पहले वो यूनीलिवर, वोडाफोन जैसी कंपनियों में काम कर चुके थे.

IBM – अरविंद कृष्णा

साल 2020 की शुरुआत में अमेरिका की दिग्गज आईटी कंपनी IBM ने अरविंद कृष्णा को सीईओ पद पर नियुक्त किया. हैदराबाद में जन्मे अरविंद कृष्णा सीईओ चुने जाने से पहले आईबीएम में ही क्लाउड ऐंड कॉग्निटिव सॉफ्टवेयर में बतौर वाइस प्रेसिडेंट काम कर रहे थे. कृष्णा 1990 में आईबीएम से जुड़े थे. आईआईटी कानपुर से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृष्णा ने यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनियॉस से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की थी.

2018 में 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर में रेड हैट के आईबीएम के अधिग्रहण का श्रेय उन्हें दिया जाता है. यहां तक कि इस पूरे प्रोजेक्ट का उन्हें ही शिल्पकार माना जाता रहा है. आईबीएम के लिए कई टास्क संभाल चुके कृष्णा पर बोर्ड का पूरा भरोसा है और उन्हें शानदार नेतृत्वकर्ता के तौर पर जाना जाता है.

 

Google Cloud – थॉमस कुरियन

थॉमस कुरियन 2019 से Google Cloud के सीईओ हैं. थॉमस का जन्म 1966 में भारत के केरल में कोट्टायम जिले के पंपडी गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम पी.सी. कुरियन और माता का नाम मौली था. उनके पिता एक केमिकल इंजीनियर और Graphite India के जनरल मैनेजर थे. थॉमस कुरियन अपने समान जुड़वां जॉर्ज कुरियन सहित चार भाइयों में से एक हैं. जॉर्ज कुरियन को 2015 में NetApp का सीईओ बनाया गया था.

17 साल की उम्र में, थॉमस अपने भाई जॉर्ज कुरियन के साथ अमेरिका चले गए. थॉमस ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

प्रिंसटन के बाद, कुरियन ने लंदन और ब्रुसेल्स में 6 साल के लिए सॉफ्टवेयर, टेलीकम्यूनिकेशंस और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्रीज में ग्राहकों की सेवा करने वाले सलाहकार के रूप में McKinsey & Company के साथ अपना करियर शुरू किया. उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए भी किया.

कुरियन 1996 में Oracle में शामिल हुए. शुरू में विभिन्न प्रोडक्ट मैनेजमेंट और डेवलपमेंट पदों पर रहे. 28 सितंबर, 2018 को, उन्होंने ओरेकल में प्रोडक्ट डेवलपमेंट के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया.

कुरियन नवंबर 2018 में Google की क्लाउड ऑर्गेनाइजेशन में शामिल हुए. Google में अपने पहले वर्ष के दौरान, कुरियन ने एंटरप्राइज़ क्लाइंट्स को G Suite एप्लिकेशन बेचने पर ध्यान केंद्रित किया.

FedEx – राज सुब्रमण्यम

अमेरिका की मल्टी नेशनल कूरियर सर्विस कंपनी FedEx ने इसी साल के मार्च महीने में भारतीय मूल के राज सुब्रमण्यम को बतौर सीईओ कंपनी की कमान सौंपी. सुब्रमण्यम मुख्य रूप से केरल के त्रिवेंद्रम के रहने वाले हैं. उन्होंने IIT बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. उन्होंने साल 1987 में B.Tech की डिग्री ली था. 1989 में उन्होंने न्यूयॉर्क के Syracuse यूनिवर्सिटी से एमटेक की पढ़ाई पूरी की. इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस से मार्केटिंग और फाइनेंस में MBA किया है. 1991 में उन्होंने फेडेक्स को ज्वॉइन किया था. वे फेडेक्स कॉर्पोरेशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, फर्स्ड हॉरिजन कॉर्पोरेशन, यूएस चैम्बर ऑप कॉमर्स चीन एडवायजरी बोर्ड, FIRST, यूएस-इंडिया स्ट्रैटिजीक पार्टनरशिप फोरम और यूएस-चाइना बिजनेस काउंसिल के हिस्सा रहे हैं.

Barclays – सीएस वेंकटकृष्णन

MIT से पढ़ाई कर चुके सीएस वेंकटकृष्णन, जेस स्टेनली के अचानक इस्तीफे के बाद 1 नवंबर, 2021 को Barclays के पहले अश्वेत सीईओ बने. वह 2016 में कंपनी में शामिल हुए थे. बार्कलेज से पहले, उन्होंने जेपी मॉर्गन चेस में 20 वर्षों तक काम किया था.

Chanel – लीना नायर

लीना नायर को साल 2021 में फ्रांस के बड़े फैशन हाउस शनैल (Chanel) की पहली महिला सीइओ के रूप में चुना गया था. भारतीय मूल की ब्रिटिश नागरिक को शनैल की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी में लंबे समय तक सफलता हासिल करने पर दी गई है. लीना नायर इससे पहले यूनिलीवर में 30 सालों से कार्यरत थीं. नायर यूनिलीवर में ह्यूमन रिसोर्स चीफ और कंपनी की कार्यकारी समिति की सदस्य थीं.

महिलाओं के पैंटसूट, ट्वीड और प्रसिद्ध हैंडबैग के लिए प्रसिद्ध, शनैल की स्थापना 1910 में प्रसिद्ध गैब्रिएल शनैल द्वारा की गई थी, जिसे प्यार से “कोको” शनैल कहा जाता था. पेरिस में यह एक हैट बुटीक के रूप में जो शुरू हुआ था, जो फ्रेंच चिक और पेरिसियन स्टाइल का पर्याय बन गया.

Gap Inc. – सोनिया स्यंगल

सोनिया स्यंगल को मार्च, 2020 में Gap Inc. ने सीईओ नियुक्त किया था. गैप इंक अमेरिका की सबसे बड़ी अपैरल रिटेलर है. ऑल्ड नेवी, बनाना रिपब्लिक, ऐथलीटा और हिल सिटी जैसे ब्रैंड्स गैप के ही हैं. सोनिया स्यंगल का जन्म भारत में ही हुआ. उनके पैरंट्स का नाम सुषमा और सत्या स्यंगल है. 1971 में सोनिया के जन्म लेने के कुछ वर्ष बाद ही परिवार कनाडा चला गया. वहीं सोनिया की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा हुई. फिर वह अमेरिका चली गईं और केटरिंग यूनिवर्सिटी से 1993 में मेकनिकल इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री ली. फिर उन्होंने स्टैंडफर्ड यूनिवर्सिटी में मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया और 1995 में मास्टर डिग्री हासिल की.

सोनिया 2004 में गैप से जुड़ी थीं. उससे पहले वह 10 वर्षों तक सन माइक्रोसिस्टम्स जबकि छह वर्षों तक फोर्ड मोटर से जुड़ी रहीं. गैप ने अपने वैल्यु चेन ऑल्ड नेवी का सीईओ बनाया था. उन्होंने कंपनी की ग्लोबल सप्लाइ चेन और प्रॉडक्ट-टु-मार्केट मॉडल का नेतृत्व किया था और यूरोप जोन की एमडी भी रही थीं.

Arista Networks – जयश्री उल्लाल

लंदन में जन्मी और नई दिल्ली में पली-बढ़ी जयश्री उल्लाल एक अमेरिकी अरबपति बिजनेसवुमन हैं, जो 2008 से Arista Networks की सीईओ हैं.

सैन फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने Santa Clara University से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की. उन्हें Forbes मैगज़ीन द्वारा 2010 में नेटवर्किंग इंडस्ट्री में टॉप 5 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में नामित किया गया था.

NetApp – जॉर्ज कुरियन

जॉर्ज कुरियन – स्टोरेज और डाटा कंपनी NetApp के सीईओ हैं. वे जून 2015 में कंपनी के सीईओ नियुक्त किए गए थे. उन्होंने Princeton University से बैचलर की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने Stanford University से मास्टर्स की डिग्री हासिल की.

Palo Alto Networks – निकेश अरोड़ा

निकेश अरोड़ा जून, 2018 में Palo Alto Networks के अध्यक्ष और सीईओ चुने गए. पालो ऑल्टो नेटवर्क में शामिल होने से पहले, निकेश ने SoftBank Group Corp के अध्यक्ष और सीओओ के रूप में काम किया. इससे पहले, उन्होंने Google, Inc. में कई बड़े पदों पर काम किया. Google में शामिल होने से पहले, निकेश ने Deutsche Telekom AG के टी-मोबाइल इंटरनेशनल डिवीजन के लिए चीफ़ मार्केटिंग ऑपिसर की भूमिका निभाई. वह T-Motion PLC के फाउंडर और सीईओ थे, जिसका 2002 में टी-मोबाइल इंटरनेशनल में विलय हो गया था.

वह Northeastern University से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एम.एस. की डिग्री रखते हैं. साथ ही बोस्टन कॉलेज से फाइनेंस में भी एम.एस. कर चुके हैं. निकेश ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. किया था.

Micron Technology – संजय मेहरोत्रा

1988 में SanDisk के सह-संस्थापक और 2016 तक अध्यक्ष और सीईओ के रूप में सेवा करने के बाद, मेहरोत्रा को मई, 2017 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के नए सीईओ के रूप में चुना गया था. नॉन-वॉलेटाइल सेमीकंडक्टर मेमोरी इंडस्ट्री में 30 वर्षों के अनुभव के साथ, मेहरोत्रा हर तरह से अग्रणी है. मेहरोत्रा के पास 70 से अधिक पेटेंट हैं और उन्होंने नॉनवोलेटाइल मेमोरी डिज़ाइन और फ्लैश मेमोरी सिस्टम के क्षेत्रों में लेख प्रकाशित किए हैं.

दिल्ली के रहने वाले, वह बिट्स पिलानी के पूर्व छात्र हैं और उनके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री है.

Inmarsat – राजीव सूरी

राजीव सूरी को 2021 में Inmarsat का सीईओ नियुक्त किया गया था. इससे पहले वे 2014 से नोकिया के सीईओ थे. दिल्ली में जन्मे, सूरी का पालन-पोषण बाद में कुवैत में हुआ था. वह अब सिंगापुर के नागरिक हैं.

Deloitte – पुनीत रंजन

2014 से डेलॉइट के सीईओ, रंजन का जन्म हरियाणा में हुआ था, जहां उनके पिता ने एक इलेक्ट्रिकल स्विचगियर फैक्ट्री की स्थापना की थी. उनके माता-पिता ने बाद में उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए शिमला के एक प्रीमियम बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया. 1984 में रोटरी स्कॉलरशिप जीतने के बाद उनकी ज़िंदगी बदल गई. फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

VMware – रंगराजन रघुराम

IIT-मुंबई से ग्रेजुएशन कर चुके, वह Wharton टॉपर भी रह चुके हैं. वह 2003 में VMware में शामिल हुए और कंपनी की रणनीतिक दिशा और इसकी टेक्नोलॉजिकल ग्रोथ को उन्होंने नए आयाम दिए हैं.

Vimeo – अंजलि सूद

सूद को जुलाई 2017 में Vimeo के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था. तब कंपनी ने वीडियो क्रिएटर्स के लिए सॉफ्टवेयर और टूल लॉन्च करने के लिए ओरिजिनल कंटेंट में निवेश करने नई रणनीति और योजनाओं की घोषणा की. NRI माता-पिता के घर जन्मी, सूद को हॉलीवुड रिपोर्टर्स नेक्स्ट जेन: 35 अंडर 35 सम्मानितों की प्रतिष्ठित सूची में भी शामिल किया गया था.

Albertsons – विवेक शंकरन

उन्होंने 1985 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ IIT-मद्रास से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और अब अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी ग्रोसरी स्टोर चेन चलाते हैं. उन्होंने दक्षिण भारत में बड़े होने को अपनी प्रेरणा बताया.

Novartis – वसंत नरसिम्हन

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से ग्रेजुएसन की पढ़ाई करने वाले वसंत नरसिम्हन तमिलनाडु के NRI माता-पिता की संतान हैं. एक चिकित्सक होने के साथ-साथ, वह यू.एस. नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के प्रभावशाली सदस्य के रूप में भी काम करते हैं.

Diageo – इवान मेनेजीस

पुणे में जन्मे, इवान Paul S. Walsh के बाद Diageo के सीईओ बने. यह दुनिया की सबसे प्रमुख ब्रिटिश मल्टीनेशनल ऐल्कोहॉलिक कंपनियों में से एक. उनके भाई, विक्टर मेनेजेस, सिटीबैंक के पूर्व सीईओ और अध्यक्ष रह चुके हैं.

Wayfair – नीरज शाह

नीरज शाह ने 2002 में अपने एक दोस्त के साथ मिलकर Wayfair की सह-स्थापना की थी. यह अमेरिका की सबसे बड़ी रिटेल चेन्स में से एक है. NRI माता-पिता के घर जन्मे, शाह ने हमेशा अपने माता-पिता की भावना को श्रेय दिया है जिसने उन्हें रिस्क उठाने के लिए प्रेरित किया.

OnlyFans – आम्रपाली ‘एमी’ गन

एडल्ट कंटेंट क्रिएशन प्लेटफॉर्म OnlyFans ने भारतीय मूल की आम्रपाली ‘एमी’ गन को CEO के रूप में नियुक्त किया है. इससे पहले आम्रपाली रेड बुल व क्वेस्ट न्यूट्रीशन के लिए काम कर चुकीं है. वह इस कंपनी के साथ साल 2020 में बतौर मुख्य मार्केटिंग और संचार अधिकारी की तरह जुड़ी थीं.

इन शख़्सियतों के अलावा कुछ ऐसे भी नाम हैं जो दुनियाभर की नामी कंपनियों के CEO रह चुके हैं, जैसे – इंदिरा नूई (PepsiCo), दिनेश सी. पालीवाल (Harman International Industries), अजय बंगा (MasterCard), शर्मिष्ठा ‘शर’ दुबे (Match Group), आदि.

वहीं पापा चाहते थे बेटा पढ़ लिखकर मोटी सैलरी वाली नौकरी करे, MTech गोल्ड मेडलिस्ट बेटे ने किया स्टार्टअप।

ये भी पढ़ें:

ISKCON Temple Bengal: पश्चिम बंगाल में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक बनाएगा इस्कॉन, जानिए 7 बातें… 

Top 10 Tall Actresses in Bollywood: बॉलीवुड में शीर्ष 10 सबसे लंबी अभिनेत्री के सूची 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button