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क्या है ‘अग्निपथ योजना’? जानिए किसे मिलेगी सेना में 4 साल के लिए नियुक्ति, कहां होगी तैनाती

अग्निपथ योजना | केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा सेना में युवाओं को भर्ती करने के लिए ‘अग्निपथ प्रवेश योजना’ (Agnipath Recruitment Scheme) लागू करने जा रही है। इसकी जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद मीडिया के सामने दी।

इससे देश के लाखों युवाओं का सेना में भर्ती होने का सपना साकार होगा. इसकी चर्चा पहले से हीं हो रही थी लेकिन इसका प्रारूप का अलग अनुमान लगाया जा रहा था। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए युवाओं की भर्ती की जाएगी. अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की भर्ती चार साल के लिए की जायेगी। वहीं सेना में शामिल होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ के नाम से जाना जाएगा. यहां गौर करने वाली बात ये है कि युवाओं के सेना में भर्ती होने के बाद सशस्त्र बलों की औसत उम्र में कमी देखने को मिलेगी. इसके अलावा, सैनिकों के रिटायर होने के बाद सरकार पर पेंशन का पड़ने वाला बोझ भी खत्म हो जाएगा.

आपको बताएँ अग्निपथ योजना को टूर ऑफ ड्यूटी (Tour of Duty) भी कहा जा रहा है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि सेना में शामिल होने वाले युवाओं को चार साल तक सेवा करने के बाद मोटी रकम के साथ रिटायर किया जाएगा. इसके अलावा, सरकार उनके आगे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्हें डिप्लोमा और सर्टिफिकेट से नवाजा जाएगा.

इसके साथ ही कोरपोरेट समेत अन्य क्षेत्र में काम करने के लिए उनकी मदद भी की जाएगी. ऐसे में आइए बोलता है बिहार के इस पोस्ट में अग्निपथ योजना के बारे में विस्तार से बताते हैं। साथ ही इस योजना के तहत किस तरह से सेना में जाने का मौका मिलेगा इसके बारे में विस्तारपूर्वक समझा जाए.

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क्या है अग्निपथ योजना?

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme)

अग्निपथ योजना भारतीय सेना की ‘टूर ऑफ ड्यूटी एंट्री स्कीम’ को दिया गया एक नया नाम है. सशस्त्र बलों ने दो साल पहले टूर ऑफ ड्यूटी योजना पर चर्चा शुरू की थी. इस योजना के तहत सैनिकों को एक शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती किया जाना है. भर्ती होने वाले युवाओं को ट्रेनिंग की जाएगी और फिर अलग-अलग फील्ड में तैनात किया जाएगा.

आपको बताएं ये स्थायी सैनिकों की नियुक्ति करने की मौजूदा प्रथा को खत्म कर देगी और इस तरह सेना में भर्ती होने की योजना में बड़ा बदलाव देखा जाएगा. सशस्त्र बलों के पास स्पेशल वर्क के लिए स्पेशलिस्ट युवाओं की भर्ती करने का ऑप्शन भी होगा. इसके तहत सेना के तीनों विंग में भर्ती की जाएगी. अलग अलग विभाग में भी युवाओं को भर्ती किया जायेगा।

अग्निपथ योजना के के लिए क्या होगा क्राइटीरिया?

केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही अग्निपथ योजना के लिए भर्ती शुरू की जाएगी. इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा एलिजिब्लिटी क्राइटीरिया तय किया गया है। इस क्राइटीरिया में आने वाले लोगों को 4 साल के लिए चुना जायेगा।

अग्निपथ योजना की बड़ी बातें

अग्निपथ योजना (अग्निपथ भर्ती योजना)

– युवाओं को चार साल के लिए भारतीय सेना में भर्ती कराया जाएगा.

– इस दौरान भर्ती हुए अग्निवीरों को आकर्षण वेतन मिलेगा

– सेना की चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को भविष्य के लिए अच्छे अवसर दिए जाएंगे.

– चार साल की नौकरी के बाद सेवा निधि पैकेज मिलेगा.

– अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले ज्यादातर जवानों को चार साल बाद मुक्त कर दिया जाएगा. हालांकि, कुछ जवान अपनी नौकरी को जारी रख सकेंगे.

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– अग्निपथ योजना के तहत 17.5 साल से 21 साल के युवाओं को मौका मिलेगा.

– अग्निपथ योजना की ट्रेनिंग 10 हफ्ते से 6 महीने तक होगी.

– अग्निपथ योजना में भर्ती के लिए 10/12वीं के छात्र कर सकेंगे आवेदन.

– अग्निपथ योजना में 90 दिन अग्निवीरों की पहली भर्ती होगी.

– अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है, तो उसके परिजनों को सेवा निधि समेत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत मिलेगी. इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा.

– वहीं, अगर कोई अग्निवीर डिसेबिल हो जाता है, तो उसे 44 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी. इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन मिलेगा.

– पूरे देश में मेरिट के आधार पर भर्तियां होंगी. जो लोग इन भर्ती परीक्षा में चयनित होंगे, उन्हें चार साल के लिए नौकरी मिलेगी.

कितनी होगी सैलरी और कहां की जाएगी तैनाती?

अग्निपथ योजना के तहत शुरुआती वेतन 30,000 रुपये दिया जाएगा. सर्विस के चौथे साल में इसे बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दिया जाएगा. सेवा निधि योजना के तहत सरकार वेतन का 30 फीसदी हिस्सा सेविंग के रूप में रख लेगा. साथ ही इसमें वह भी इतना ही योगदान करेगी. चार साल बाद सैनिकों को 10 लाख से 12 लाख रुपये दिए जाएंगे. ये पैसा टैक्स फ्री होगा. योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को कश्मीर और देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया जाएगा.

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